Musical Monday-8

 

तेरा  मेरा  प्यार  अमर , फिर  क्यों  मुझको  लगता   हैं  डर…

मेरे  जीवन  साथी  बता , क्यों  दिल  धड़ाके  रह  रह  कर


क्या  कहा  हैं  चाँद  ने , जिस  को  सुन  के  चांदनी;हर  लहर  पे  झूम   के , क्यों  ये  नाचने  लगी

चाहत  का  है , हर  सू  असर , फिर  क्यों  मुझको  लगता   हैं  डर.. ..

 

कह  रहा  हैं  मेरा दिल  अब  ये  रात  ना  ढले;खुशियों  का  ये  सिलसिला , एसे  ही  चला  चले

तुझ  को  देखू , देखू  जिधर , फिर  क्यों  मुझको  लगता   हैं  डर.. ..

 

है  शबाब  पर  उमंग   हर  खुशी  जवान  है;मेरी   दोनों  बाहों  में , जैसे  आसमान  है

चलाती  हूँ  मैं  तारों  पर , फिर  क्यों  मुझको  लगता   हैं  डर.. ..

 

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26 thoughts on “Musical Monday-8

  1. Once you have had your fill of Sadhana and Dev Anand, its time to concentrate on Nu and H ! 🙂

    Sing the following playing the above in the background, Karaoke style ….

    तेरी, सास बोली , ” तू पुरणपोळी कर “, फिर क्यू , मुझको , लागता ही डर,
    मेरे, ब्लौग्गर भूषण , तू जल्दी आ , और जमेगी, उतनी, मुझे मदद कर…..

    क्या कहा था सब लोगो ने, जब मी शादी पे खडी रही; मा ने बोला “रसोई सिख”, लेकीन हम कूच सुना नही;
    पुरण अभी , पिघ्ला है,सब तवे पर, फिर भी ,अब तो, मुझको , लगता है डर…..

    सोच रहा है मेरा मन, सराफे से मंगवा हि लू ; मैने बनाया, ऐसा केह्के, सबको पुरणपोळी दे दू ;
    दुध-घी , डूबाकर, सब खायेंगे , मगर ; खतम होते हि , क्या बीतेगी, अब मुझ पर…..

    अभी सोचा है कि मै, अब पुरा पुरा सच हि बोलू , पुरणपोळी के जगह रंगोली निकालू;
    मेरी कला कि फैलेगी दुनियामे खबर , फिर क्यू , मुझको , लागता ही डर…….

  2. Lovely! I love your selection of songs, Nu.

    Btw, I m hooked on to scrabble too 😦 After I reading your post about scrabble – I went back to playing it 😦 and now am hooked – again!

C'mon,out with it,right here :)

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